Prime Minister Narendra Modi ने बिहार से गरीब कल्याण रोजगार अभियान की शुरुआत

Prime Minister Narendra Modi ने बिहार से गरीब कल्याण रोजगार अभियान की शुरुआत ; कोरोना लॉकडाउन में घर लौटे श्रमिकों की बेरोजगारी से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने एक खास अभियान शुरू किया है. इस योजना का नाम गरीब कल्याण रोजगार है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना को लॉन्च किया है.

कोरोना लॉकडाउन में प्रवासी श्रमिकों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ा है. उन्हें बड़े पैमाने पर घर लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा है. ऐसे में मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है. इस हालात से निपटने के लिए केंद्र सरकार एक खास अभियान शुरू किया है. इस योजना का नाम गरीब कल्याण रोजगार है. योजना की लॉन्चिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की.

गरीब कल्याण रोजगार अभियान नाम की इस योजना को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बिहार में लॉन्च किया गया.इस योजना के डिजिटल शुभारंभ में पांच अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री और कुछ केंद्रीय मंत्रियों ने हिस्सा लिया

पीएम मोदी बिहार के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की मौजूदगी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस अभियान की शुरुआत की. यह अभियान बिहार के खगड़िया जिले के ग्राम-तेलिहार, ब्लॉक- बेलदौर से लॉन्च किया गया.

कितने राज्यों के कितने जिले शामिल हैं?

6 राज्यों के 116 जिले।बिहार के 32, उत्तर प्रदेश के 31, मध्य प्रदेश के 24, राजस्थान के 22, ओडिशा के 4 और झारखंड के 3 जिले शामिल हैं।इनमें करीब 88 लाख प्रवासी मजदूर अन्य राज्यों से लौटेहैं।

योजना के लिए कितना बजट रखा गया है?

50 हजार करोड़ रुपए। कामगारों को योग्यताके हिसाब से 25 तरह के काम दिए जाएंगे। इनमें सड़क, ग्रामीण आवास, बागवानी, पौधारोपण, जल संरक्षण और सिंचाई, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन और जल जीवन मिशन जैसे काम शामिल हैं।

किस राज्य में कितने प्रवासी मजदूर लौटे?

(1) उत्तर प्रदेश: 35 लाख से ज्यादा
(2) मध्यप्रदेश: 25 लाख से ज्यादा
(3) बिहार: 15 लाख से ज्यादा
(4) झारखंड: 2 लाख से ज्यादा
(5) राजस्थान: 10 लाख से ज्यादा
(6) ओडिशा: एक लाख से ज्यादा

योजना के तहत पक्के घर बनेंगे, जल-जीवन मिशन को आगे बढ़ाएंगे

इसके तहत अलग-अलग गांव में कहीं गरीबों के लिए पक्के घर भी बनेंगे। कहीं शेड बनाए जाएंगे। कहीं जल-जीवन मिशन को आगे बढ़ाया जाएगा। कहीं जरूर है, सड़कों के निर्माण पर भी उतना ही जोर दिया जाएगा। जहां पंचायत भवन नहीं हैं, वहां पंचायत भवन भी बनाए जाएंगे। साथ-साथ इस अभियान से आधुनिक सुविधाओं से भी गांवों को जोड़ा जाएगा। गांव में सस्ता और तेज इंटरनेट होना जरूरी है, ताकि हमारे बच्चे पढ़ सकें।गांव में शहरों से ज्यादा इंटरनेट इंस्तेमाल हो रहा है। गांव में फाइबर केबल पहुंचे, इससे जुड़े काम भी होंगे। ये काम गांव के ही लोग करेंगे। आप लोग ही करेंगे।

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